वैज्ञानिक दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन (Certificate course on Scientific Milk Production, Processing and Value Addition)

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पाठ्यक्रम का विवरण:

यह पाठ्यक्रम डेयरी किसानों को वैज्ञानिक दुग्ध उत्पादन, स्वच्छ दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण तथा दुग्ध उत्पादों के मूल्य संवर्धन से संबंधित बुनियादी ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करने हेतु तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम में डेयरी पशुओं के चयन, पोषण, स्वास्थ्य एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक विधियों के साथ-साथ दूध की गुणवत्ता, स्वच्छता, भंडारण, प्रसंस्करण तथा पनीर, दही, घी, छाछ, फ्लेवर्ड मिल्क आदि मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण पर विशेष बल दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को डेयरी उद्यमिता, लागत-लाभ विश्लेषण, विपणन, पैकेजिंग एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

This course is designed to provide dairy farmers with foundational knowledge and hands- on skills in scientific milk production, hygienic milk handling, processing, and value addition of dairy products. The curriculum emphasizes scientific management practices for improving milk yield, quality, and animal health, along with clean milk production, storage, and processing techniques. Participants will gain practical exposure to preparation of value-added dairy products such as curd, paneer, ghee, butter, flavoured milk, and other traditional products.
The course also introduces dairy entrepreneurship, marketing strategies, cost–benefit analysis, packaging, and awareness of government schemes to promote sustainable income generation.

पाठ्यक्रम के लाभ

  • वैज्ञानिक दुग्ध उत्पादन तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान
  • दूध की गुणवत्ता एवं मूल्य में वृद्धि
  • मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों के माध्यम से अतिरिक्त आय
  • स्वरोज़गार एवं डेयरी उद्यमिता के अवसर
  • स्वच्छ दुग्ध उत्पादन के प्रति जागरूकता
  • ग्रामीण एवं सामाजिक आर्थिक विकास में योगदान

लक्ष्य:

  • प्रतिभागियों को वैज्ञानिक दुग्ध उत्पादन की मूल अवधारणाओं से अवगत कराना
  • दूध की गुणवत्ता सुधारने हेतु स्वच्छता एवं प्रबंधन तकनीकें सिखाना
  • दुग्ध प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना
  • डेयरी आधारित उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना
  • किसानों की आय बढ़ाने हेतु आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाने में सक्षम बनाना

पाठ्यक्रम के अपेक्षित परिणाम:

  • वैज्ञानिक दुग्ध उत्पादन एवं प्रबंधन में दक्षता
  • दूध की गुणवत्ता एवं शेल्फ लाइफ में सुधार
  • मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों के निर्माण में कौशल
  • डेयरी आधारित स्वरोज़गार की क्षमता का विकास
  • संगठित एवं लाभकारी डेयरी प्रबंधन की समझ

पाठ्यक्रम का शुभारम्भ:

  • दिनांक

पाठ्यक्रम की रूपरेखा:

कक्षाएं सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार: 01 व्याख्यान और 02 प्रायोगिक कक्षाएं प्रतिदिन
पाठ्यक्रम अवधि:   15 दिन

योग्यता:   10वीं पास
पंजीकरण शुल्क:   सामान्य/ओबीसी और अन्य @200/- तथा एससी एवं एसटी @100/-
पाठ्यक्रम शुल्क:   1500/-

  • डेयरी उद्योग का परिचय एवं भारत में दुग्ध उत्पादन की स्थिति
  • डेयरी पशुओं की नस्लें एवं उच्च दुग्ध उत्पादन हेतु पशु चयन
  • दुग्ध स्राव की शरीर क्रिया
  • दुग्ध उत्पादन बढ़ाने हेतु पोषण एवं आहार प्रबंधन
  • स्वच्छ दुग्ध उत्पादन
  • दूध दुहने की वैज्ञानिक विधियाँ एवं दुग्ध प्रबंधन
  • दूध की गुणवत्ता, परीक्षण एवं मिलावट की पहचान
  • दूध का संग्रहण, शीतलीकरण एवं भंडारण तकनीकें
  • दुग्ध प्रसंस्करण की मूल अवधारणाएं
  • मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों का निर्माण
  • फ्लेवर्ड मिल्क एवं पारंपरिक दुग्ध उत्पाद
  • पैकेजिंग, लेबलिंग एवं खाद्य सुरक्षा मानक
  • डेयरी पशुओं का स्वास्थ्य प्रबंधन एवं रोग निवारण
  • डेयरी इकाई की स्थापना, लागत-लाभ विश्लेषण
  • विपणन, सहकारी डेयरी प्रणाली एवं सरकारी योजनाएं
  • फील्ड विज़िट / डेयरी प्लांट भ्रमण / अतिथि व्याख्यान

पाठ्यक्रम निदेशक

नाम पद का नाम ईमेल पता
डॉ. अंकिता रौतेला सहायक प्राध्यापक, पशु शरीर क्रिया एवं जैव रसायन विज्ञान विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, नौनेर, दतिया परिसर (म.प्र.)   रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, नौनेर, दतिया परिसर (म.प्र.)

पाठ्यक्रम संकाय:

नामपद का नामईमेलपता
डॉ. गौरव कुमारसहायक प्राध्यापक, पशु शरीर क्रिया एवं जैव रसायन विज्ञान विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, नौनेर, दतिया परिसर (म.प्र.)
डॉ. पशुपति एमसहायक प्राध्यापक, पशु शरीर क्रिया एवं जैव रसायन विज्ञान विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी[email protected]रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, नौनेर, दतिया परिसर (म.प्र.)
डॉ. पशुपति एमसहायक प्राध्यापक, पशु शरीर क्रिया एवं जैव रसायन विज्ञान विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, झाँसी[email protected]रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, नौनेर, दतिया परिसर (म.प्र.)
डॉ दिव्यांशु सिंह तोमरसहायक प्राध्यापक, पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, झाँसी[email protected]रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, नौनेर, दतिया परिसर (म.प्र.)
डॉ आनंद कुमारसहायक प्राध्यापक, पशुधन प्रक्षेत्र परिसर, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी[email protected]रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, नौनेर, दतिया परिसर (म.प्र.)

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